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सितंबर 24, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रावण एक सनातन विलन

      हर एक समाज को एक हीरो के साथ एक  विलेन चाहिए होता है.जिस पर वे सारी बुराइयों को आरोपित कर सकें .विश्व के सारे धर्मों में कोई न कोई विलन जरुर होता है .हीरो की महानता इस बात से भी तय होती है कि विलन कितना ताकतवर था .या फिर हीरो की महानता को बढ़ाने के लिए विलन में सारे गुणों को आरोपित कर दिया जाता है .भारत एक धर्मप्रधान देश है .भारत में अनेक प्रकार के किस्से और कहानियां प्रचलित हैं सब में कोई न कोई विलन जरुर होता है .बच्चो की कहानियों में भी एक ऐसा किरदार जरुर होता है जो विलन जैसा होता है .दिन भर चलने वाले टी वी सीरियल में कभी सास को विलन के रूप में दिखया जाता है कभी बहू को तो कभी ननद को .फिल्म में तो बहुत समय तक यही होता रहा बिना विलन की फ़िल्में की कोई कल्पना तक नहीं कर सकता था .क्योंकि फिल्मों में विलन के अत्याचार से हीरो के प्रति सहानुभूति स्वाभाविक रूप से पैदा हो जाती थी .विलेन के होने से कहानी बड़ी आसन हो जाती है .विलन जितना स्पष्ट होता कहानी उतनी ही आसान .विलेन के होने से सबसे बड़ी आसानी किसी घटना के व्याख्या करने में होती है जैसे-गेंहूँ के खेत को  कोई जल...

भगत सिंह और हम

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       आज भगत सिंह का जन्मदिन है या इसप्रकार कहें की भगत आज के ही दिन जन्मा था .भगत का ख्याल आते ही दिमाग में एक साहसी युवामन हिलोरे मारने लगता है एक उत्साह का उफान उठता है .जब भगत का ख्याल आता है तो मन में बस कुछ कर गुजरने का ख्याल आता है .यह कुछ कर गुजरना सिर्फ बहरों के सुनाने के लिए  नहीं .यह कुछ कर गुजरना इसलिए कि जब हम अंतिम साँस लें तो सुकून की साँस लें .हम ज्यादातर काम अपने संतुष्टि के लिए करते हैं,बस लगता भर है की दूसरों के लिए किया जा रहा है . भगत सिंह जब फंसी का फंदा चूम रहें होगें तब उनके मन में कुछ एक संतुष्टि रही होगी की कुछ कर के जा रहें हैं .बस वैसे ही मन एक भाव रहता है की कास हम भी कुछ करके ही जाएँ ...        भगत सिंह के जीवन की सबसे बड़ी सीख यही हो सकती है .हमें जो काम संतुष्ट करे हम वही करें लेकिन आज की उभोक्तावादी समय में सबसे कठिन है अपनी संतुष्टि के केंद्र को तलाशना .बाजार ने एक काल्पनिक दुनिया हमारे लिए बना दिया है जिसमें यह दिखाया जाता है की उपभोग ही संतुष्टि का केंद्र है जबकि यदि ऐसा होता तो जो भी सबसे ज्यादा उपभोग कर...