कुछ तो लोग कहेंगे
संजय दत्त जेल से निकले हैं, उसके स्वागत के लिए उनकी पत्नी आगे बढ़ती हैं लोगों की भीड़ से कोई प्रशंसक फोटो लेने के लिए आवाज़ लगा रहा है, संजू पत्नी को गले लगाते हैं, भीड़ के शोर से वही आवाज़ फिर आती है ‘’संजू बाबा इधर देखो एक फोटो लेनी है। तभी उनका दोस्त कमली (विक्की कौशल ) आता है, दौड़कर गले लगते हैं और कुछ पुरानी यादों को ताज़ा करते हैं। फिर वही आवाज़ थोड़ा गुस्से में आती है लेकिन संजय दत्त अपनी गाड़ी में बैठ जाते हैं, तभी भीड़ से वही आवाज़ फिर आती है “टेररिस्ट कहीं के, क्यों इतना भाव खा रहा है एक फोटो ही तो लेने को बोल रहा हूँ। इस आवाज़ पर गाड़ी में बैठे सभी लोग सन्न रह जाते हैं गाड़ी का शीशा ऊपर उठता है। फिल्म में बायोपिक लेखिका का किरदार कर रही अनुष्का संजू को उनके ऊपर लिखी किताब देती हैं जिसका शीर्षक होता है, ‘’कुछ तो लोग कहेंगे’’ और फिर किशोर Vकुमार की आवाज़ में फिल्म ‘अमर प्रेम’ का गाना बजता है ‘कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना’ इसी निष्कर्ष पर राजकुमार हिरानी की फिल्म ‘संजू’ ख़त्म होती है। ...