रंगों की दुनियां The world of colours
एक चित्रकार के मन में एक दिन एक अजीब सा विचार आया कि वह एक ऐसा चित्र बनाए जिसमें केवल एक ही रंग हो। उसने तुरंत ब्रश उठाया और सफेद कागज पर सफेद रंग से कुछ बनाना शुरू किया लेकिन कुछ ही देर बाद उसे समझ आया कि वह ऐसा करने में असर्थ है। क्या आप एक ऐसे चित्र की कल्पना कर सकते हैं जो एक रंग से बना हो? कोई भी चित्र एक रंग से नहीं बनाया जा सकता है। कम से कम दो रंग चाहिए ही चाहिए।क्या आप एक रंग से बने चित्र की कल्पना कर सकते हैं? यह दुनियां हमे इसलिए दिख रही है क्योंकी इसमें हजारों रंग है।यदि दुनियां में एक रंग होता तो हम अंधे होते। यदि हम मान रहें हैं कि दुनियां केवल एकरंगी हो जाए तो असल में हम अपने आप को अंधत्व की तरफ धकेल रहें हैं। हमारे जीवन में जितने ज्यादा रंग जुड़ते जाते हैं उतने ज्यादा हम अपने आप को रंगीन पाते हैं। रंगों की दुनियां कितनी आश्चर्यजनक है, कितनी एकता है रंगीन में कितनी सहिष्णुता है रंगों में एक दूसरे में मिला दीजिए दोनो एकाकार हो कर एक नया रंग बना देते है। सूर्य की किरणों में सात रंग होते हैं लेकिन कितनी खूबसूरत बात है कि सातों जब एक साथ हो...